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रिश्ते बनाए रखें – जब ग्राहक आपको याद करेगा, तो सबसे पहले आपको ही फोन करेगा

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इंश्योरेंस बेचना सिर्फ एक पॉलिसी बेचने का काम नहीं है – ये लोगों के सपनों, उनके परिवार, और उनके आने वाले कल की सुरक्षा का भरोसा देने का काम है। 

जब कोई ग्राहक आपसे अपनी जिंदगी की कमाई का हिस्सा किसी पॉलिसी में लगाने का फैसला करता है, तो वो सिर्फ दस्तावेज़ों पर साइन नहीं कर रहा होता – वो आप पर भरोसा कर रहा होता है। और यही भरोसा तब बनता है जब आप ग्राहक से सिर्फ एक बार नहीं, बार-बार जुड़ते हैं।

1. बीमा बिक्री नहीं, विश्वास की बिक्री है

इंश्योरेंस एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसे ग्राहक देख नहीं सकता, छू नहीं सकता, और जिसका फायदा तुरंत नहीं मिलता। वो आपके शब्दों पर भरोसा करके आगे का फैसला करता है। इसीलिए, आपका व्यवहार, आपकी बातों का तरीका और आपका समय पर संपर्क बनाए रखना ही आपको भीड़ से अलग करता है।

2. ग्राहक को इंसान समझें, नंबर नहीं

बहुत से एजेंट पॉलिसी बेचने के बाद आगे संपर्क ही नहीं करते। लेकिन यहीं पर फर्क आता है एक सेल्समैन और एक रिलेशनशिप बिल्डर में।

  1. हर त्यौहार पर एक शुभकामना का संदेश भेजें।
  2. जन्मदिन या शादी की सालगिरह याद रखें और फोन या मैसेज करें।
  3. उनकी पॉलिसी की अगली प्रीमियम डेट से पहले खुद कॉल करके याद दिलाएं।

जब आप ऐसा करेंगे, ग्राहक को लगेगा कि “ये एजेंट नहीं, परिवार का ही कोई सदस्य है।”

3. जब भरोसा बनता है, तो रेफरेंस अपने आप मिलते हैं

आपने किसी को सही सलाह दी, समय पर सेवा दी और रिश्ते बनाए – तो अगली बार जब उनके किसी दोस्त या रिश्तेदार को इंश्योरेंस की ज़रूरत होगी, तो सबसे पहले उन्हें आपका ही नाम याद आएगा।

"भाई, मेरे पास एक बहुत भरोसेमंद इंसान है, उसी से बात कर लो।"

बस! आपको कॉल आएगा बिना किसी मार्केटिंग के।

4. एक कहानी – जब रिश्ते ने बिक्री से ज़्यादा दिल जीता

मेरे एक ग्राहक हैं – श्रीमती काव्या शर्मा। उन्होंने मुझसे पांच साल पहले एक चाइल्ड पॉलिसी ली थी। हर साल मैं उन्हें कॉल करता रहा – कभी त्योहार की शुभकामनाओं के लिए, कभी प्रीमियम की याद दिलाने के लिए।

एक दिन अचानक उनका फोन आया – “मेरे पति की हेल्थ ठीक नहीं चल रही, कुछ सलाह चाहिए।

मैंने उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस के विकल्प बताए और तुरंत अपॉइंटमेंट लेकर डॉक्युमेंट तैयार करवा दिए। उस दिन उन्होंने मुझसे कहा –

"मैंने और भी पॉलिसी वालों से बात की थी, पर मुझे सबसे पहले तुम याद आए क्योंकि तुमने कभी रिश्ता टूटने नहीं दिया।"

ये था उस रिश्ते का असर जिसे मैंने सिर्फ एक एजेंट के तौर पर नहीं, एक मददगार के तौर पर निभाया।

5. टेक्नोलॉजी का साथ लें, पर दिल से जुड़ें

आजकल CRM, WhatsApp Broadcast, Email Reminders जैसे टूल्स हैं – इन्हें ज़रूर इस्तेमाल करें। लेकिन सिर्फ टेक्स्ट से काम नहीं चलेगा। महीने में एक दिन निकालिए – 5-10 पुराने ग्राहकों को कॉल कीजिए, हालचाल पूछिए। जब आवाज़ में अपनापन होगा, तो यादें बनेंगी।

निष्कर्ष

आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में लोग उन्हें ही याद रखते हैं, जो उन्हें महसूस कराते हैं कि वो अकेले नहीं हैं। अगर आप एक बीमा सलाहकार हैं, तो सिर्फ 'पॉलिसी बेचने' से ऊपर उठिए – रिश्ते बनाइए, भरोसा जीतिए।

याद रखिए – जब ग्राहक आपको याद करेगा, तो सबसे पहले आपको ही फोन करेगा।


FAQs

बीमा बिक्री में ग्राहक से रिश्ता क्यों ज़रूरी है?

क्योंकि बीमा एक भरोसे पर आधारित सेवा है। जब ग्राहक आपसे जुड़ा महसूस करता है, तो वह दोबारा भी आपसे संपर्क करता है और आपको दूसरों को भी रेफर करता है।

मैं अपने पुराने बीमा ग्राहकों से कैसे जुड़ा रहूं?

त्योहारों, जन्मदिनों या सालगिरहों पर शुभकामनाएं भेजें, समय-समय पर पॉलिसी रिमाइंडर दें और कभी-कभी हालचाल पूछने के लिए कॉल करें।

क्या बीमा एजेंट को रेफरेंस के लिए ग्राहक से मदद माँगनी चाहिए?

हाँ, लेकिन तभी जब आपने पहले अच्छा सेवा अनुभव दिया हो। खुश ग्राहक अक्सर दूसरों को रेफर करते हैं, खासकर जब आपसे उनका व्यक्तिगत जुड़ाव हो।

बीमा बिक्री में सबसे बड़ी गलती क्या होती है?

सिर्फ पॉलिसी बेचकर ग्राहक से रिश्ता तोड़ लेना। यह दृष्टिकोण लंबे समय तक नुकसानदायक साबित होता है।

कैसे पहचानें कि ग्राहक दोबारा आपसे पॉलिसी लेना चाहता है?

अगर ग्राहक आपसे सवाल पूछता है, सलाह लेता है या किसी और के लिए पॉलिसी की जानकारी चाहता है, तो वह आप पर भरोसा कर रहा है और दोबारा लेना चाहता है।

क्या टेक्नोलॉजी से ग्राहक रिश्ते बेहतर बनाए जा सकते हैं?

बिलकुल, WhatsApp, CRM, Email रिमाइंडर जैसे टूल्स से आप प्रोफेशनल तरीके से जुड़ सकते हैं, लेकिन दिल से बात करना सबसे जरूरी है।

बीमा एजेंट को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि ग्राहक उन्हें याद रखें?

ईमानदारी, समय पर सेवा, व्यक्तिगत टच और जिम्मेदारी का भाव – ये सब मिलकर आपको ग्राहक की याद में बनाए रखते हैं।

क्या एक बार सेवा देने के बाद संपर्क बनाए रखना ज़रूरी है?

हाँ, क्योंकि अगली बार अगर ग्राहक को पॉलिसी चाहिए, तो वह आपको तभी याद करेगा जब आपने पहले सेवा के बाद भी रिश्ता बनाए रखा हो।

एक नया बीमा एजेंट ग्राहक से कैसे जुड़ाव बनाए?

ग्राहक की ज़रूरत को समझें, सही समाधान दें, झूठे वादे न करें, और पॉलिसी देने के बाद भी संपर्क में रहें। यही शुरुआत में जुड़ाव बनाता है।

"जब ग्राहक आपको याद करेगा, तो सबसे पहले आपको ही फोन करेगा" – इसका क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि आपने ग्राहक से ऐसा भरोसेमंद रिश्ता बना लिया है कि जरूरत पड़ने पर उसे और किसी का नहीं, सिर्फ आपका ही ख्याल आता है।

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Suraj Barai

Suraj Barai is an IRDAI-authorised insurance advisor with LIC of India, and also an agent of Niva Bupa and SBI General Insurance. This blog is written based on his real-world experience in the insurance industry. He is also a content creator, Udemy instructor, website founder, and author of Kindle eBooks, sharing practical insights on insurance and finance.facebookinstagramtwitteryoutubetelegram

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